“मैं, मैं, मैं” — यह केंद्र ही अशांति है -ओशो

जनवरी 21, 2026
ओशो की यह बात — “बहुत ज्यादा अपने में ही निरंतर उत्सुक होना एक तरह का रोग है। थोड़ी उत्सुकता स्वयं में होनी चाहिए, लेकिन यह अत्यधिक सेल्फ-से...

शरीर — एक यंत्र, आत्मा नहीं!

जनवरी 18, 2026
यह एक गहरी और अद्भुत बात है — “शरीर तो मरणधर्मा है। शरीर के ही एक यंत्र से तुम जागते हो, और शरीर के ही दूसरे यंत्र से तुम सोते हो। सब सपने श...

दर्द को मिटाओ, भूलो मत — ओशो का जीवन बदल देने वाला दृष्टिकोण

जनवरी 12, 2026
“ दर्द के साथ हम दो काम कर सकते हैं। दर्द को मिटाने का, वह धर्म की श्रेष्ठतम संभावना है। दर्द को भुलाने का, वह धर्म की निकृष्टतम संभावना है।...
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