लोग वही सुनते हैं जो सुनना चाहते हैं -ओशो

दिसंबर 11, 2025
🌿 “लोग वही सुनते हैं जो सुनना चाहते हैं” मनुष्य बड़ा अजीब जीव है। वह सुनता नहीं—चुनता है। वह जानता नहीं—मन्नतें गढ़ता है। वह देखता नहीं—छ...

खज़ानों से भरी दुनिया में कुछ भी हमारा क्यों नहीं?

दिसंबर 09, 2025
🌌 “ईश्वर की बनाई यह सृष्टि, बेशकीमती ख़ज़ानों से भरी हुई है… और एक भी चौकीदार नहीं है।” कभी आकाश की तरफ सिर उठाकर, बादलों को गुजरते हुए दे...

अपने को कर्ता मान लेना तुम्हारी भ्रांति -ओशो

दिसंबर 03, 2025
कर्तापन का भ्रम: मनुष्य की सबसे गहरी कैद मनुष्य के जीवन की सबसे बड़ी भूल यह नहीं कि वह दुखी है… असली भूल यह है कि वह मानता है कि वह अपने दुख...
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